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डॉ भीमराव अंबेडकर पर कविताएँ | Poems on Dr. Bhimrao Ambedkar in Hindi

 डॉ भीमराव अंबेडकर पर कविताएँ | Poems on Dr. Bhimrao Ambedkar in Hindi

कविता 1

भारतीय संविधान के मूल निर्माता,
दलित-शोषितों का है, भाग्य विधाता।
जन जन को दिया समानता का अधिकार,
खुद ही बनाई जनता की सरकार।
अन्याय और जातिवाद से लोहा लिया,
जन जन के मन को मोह दिया।

नारी व दलितों को दिलवाए अधिकार,
सभी के सपनों को कर दिया साकार।
पिछड़े दलितों के लिए किया संघर्ष,
हर चुनौती को किया सहर्ष स्वीकार ।
राष्ट्र निर्माण में खड़े रहे हर बार,

हर चुनौती को किया सहर्ष स्वीकार।
देशहित को रखा सर्वोपरि इसके लिए सहे लाखो अपमान,
आओ करें बाबा साहब का मान ।

भीमराव अंबेडकर पर कविता

आज कहानी डॉ भीमराव अंबेडकर की कहने आया हूँ ,
जो जिंदगीभर देशहित के लिए रहे तत्पर।
अनेक कष्टों सहन किया सबको शिक्षा का अधिकार दिया ,
जातिप्रथा और छुआछुत जैसी कुप्रथा पर जमकर वार।

संविधान नियमावली को गढ़कर दिया सबको अधिकार,
ऐसे थे, सबके चहिते हमारे बाबा साहब ।
मध्य प्रदेश के महू में लिया जन्म,
मानवता को माना अपना पहला कर्म ।

राह में जानी तमाम विपत्तियां,
हर संघर्ष में किया खूब संघर्ष 
देशहित के लिए किये महान कार्य,
लोगो के अधिकारों हेतु किया संविधान निर्माण।

पिछड़े और शोषितों को बाट दिखाई ,
आजादी और आत्मसम्मान सा महत्व बतलाया।
इसलिए तो ऐसे थे, बाबा साहब ,
जिसने किया हर विपत्ति का सामना डटकर।

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