2022 Best Hindi Poems

चूहे पर कविता | Poem On rat in Hindi


 सुन चूहे की गप्प

लाल किले में रहूँ नहाऊं
जमुना जी के जल में
महरौली में रोटी खाऊं
सोऊ ताजमहल में

सुबह सुबह उठकर लंदन भागू
हडबड हडबड हप्प
सुन चूहे की गप्प

भालू मेरी बगिया सींचे
बन्दर पलंग बिछाए
लोरी गाकर गधा सुलाए
हाथी पाँव दबाए

दूर खड़ी छज्जे पर बिल्ली
चुए लार टपटप्प
सुन चूहे की गप्प

बाल पकड़कर शेर बब्बर के
मैं वह मजे चखाऊं
याद करे नानी को अपनी
बोले म्याऊं म्याऊं

कर जाऊं मैं उस पाजी का
सारा राज हड़प्प
सुन चूहे की गप्प

पाँच चूहे


पांच चूहे घर से निकले 
करने चले शिकार
एक चूहा पीछे छुटा
बाकी रह गये चार

चारों ने मस्ती में आकर
बजाई पीपी बीन
एक चूहे को बिल्ली खा गई
बाकी रह गये तीन

तीनों ने मिलकर ठानी
चलो चलें अब घर को
एक चूहे ने बात न मानी
बाकी बच गये दो

बचे खुचे जो दो चूहे थे
वे थे बड़े ही नेक
चील झपट ले गई एक को
बाकी रह गया एक

वह चूहा था बड़ा रंगीला
बना फिल्म का हीरो
वह भी फोटो बन गया भैया
बचा अजी बस जीरो

नन्हा चूहा

नन्हा चूहा दौड़ रहा था
मेरे पूरे घर भर में
उसके पीछे भाग रहा था
सोनू घर आंगन में
चूहा था शैतान बड़ा
झट चढ़ता पर्दों पर
कभी टांड पे मूँछ हिलाता
कभी भागता टीवी पर
परेशान हो सोनू बोला
माँ दे दो चूहेदानी
कैद करूँगा जब उसमें तो
याद आएगी इसको नानी
रोटी की लालच में चूहा
भूला सोनू की चालाकी
कुतर के रोटी ज्यों ही घूमा
बंद हुई खट चूहेदानी

गिल्लू 'भावना शेखर"

यह है मेरा नन्हा गिल्लू
पकड़े जब तब माँ पल्लू
पतली पतली इसकी मूँछ
झाड़ू सी है इसकी पूंछ

पैरों का यह स्टूल बनाता
झट से उस पर बैठ जाता है
दोनों हाथ में काजू पकड़े
कूट कुट कर फिर मुँह से कुतरे

गोल गोल है आँख नचाता
गोदी में फट से चढ़ जाता
पापा जब भी घर पर आते
पैरों में लिपटा ही जाता
घुड़की दे जब उसे भगाते
खाली जूते में घुस जाता

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