Short Poem In Hindi Kavita

लंच बॉक्स पर कविता | Poem on lunch box in Hindi

 
मम्मी "कृष्णा कुमारी"

मम्मी अब तो दया करो
रूप लंच का नया करो

देख देख कर चढ़े बुखार
रोज पराँठे और अचार
टीचर जी भी कहती हैं
पड़ जाओगे तुम बीमार

कोई इंग्लिश डिश रख दो
कुछ काजू किशमिश रख दो
इडली, डोसा, भेल, पूरी
थोड़ी सी गुड़ विश रख दो

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