Short Poem In Hindi Kavita

किताब / पुस्तक पर कविता | Poem On Books In Hindi


 किताब मेरी " रमेश तैलंग"

रात हो गई तू भी सो जा
मेरे साथ, किताब मेरी
सपनों की दुनिया में खो जा
मेरे साथ किताब मेरी

बिछा दिया है बिस्तर तेरा
बस्ते के अंदर देखो
लगा दिया है कलर बॉक्स का
तकिया भी सुंदर देखो
मुंहफुल्ली, अब तो खुश हो जा
मेरे साथ, किताब मेरी

तुझे पता है सुबह सुबह
फिर जगना है हम दोनों को
भागम भागी में स्कूल
निकलना है हम दोनों को
फड़ फड़ न कर, अब चुप हो जा
मेरे साथ किताब मेरी

चित्र देख पुस्तक पढ़ जाती "सतीशचंद्र भगत"

दादा जी की प्यारी प्यारी
सृष्टि है दादी की दुलारी
ठुमक ठुमक नाचती गाती
झुन झुन झुन पायल खनकाती

बात बात में नो नो करती
घर आँगन में शोर मचाती
हँसती रोती कविता गाती
चित्र देख पुस्तक पढ़ जाती

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