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सरदार वल्लभभाई पटेल पर कविता | Sardar vallabhbhai patel Poems in Hindi

सरदार वल्लभभाई पटेल पर कविता | Sardar vallabhbhai patel Poems in Hindi सरदार वल्लभ भाई पटेल का नाम ऐसे महान हस्तियों में शामिल हैं जिन्होंने भारत की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनका जन्म 31 अक्टूबर 1875  नाडियाड में हुआ था और इसीलिए उनके लिए लिखी गई कविताओं में उस स्थान का जिक्र किया जाता है जहां पर उन्होंने अपना लंबा समय गुजारा था। सरदार वल्लभ भाई पटेल को लौह पुरुष कहा जाता है और इसी शीर्षक को आधार बनाकर भी कई सारी कविताओं का निर्माण किया गया है। साथ ही साथ उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महात्मा गांधी और नेहरू जी के साथ मिलकर भी उन्होंने आजादी के लिए नींव रखनी शुरू कर दी थी।

सरदार वल्लभभाई पटेल पर कविता | Sardar vallabhbhai patel Poems in Hindi

सरदार वल्लभभाई पटेल पर कविता | Sardar vallabhbhai patel Poems in Hindi

सरदार वल्लभ भाई पटेल की कविताओं में हमें देशभक्ति देखने को मिलती है, जहां कुछ लोग उनके विचार से सहमत नहीं थे तो वही बहुत बड़ी तादाद ऐसे भी थी जो उनके महत्वपूर्ण विचारों से पूरी तरह सहमत थी। 

इसीलिए कई कवियों ने उनके ऊपर ऐसी महत्वपूर्ण और देश प्रेम युक्त कविताएं लिखी जिनके माध्यम से हम उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी भावनाओं को पहुंचा भी सकते हैं।

सरदार पटेल का व्यक्तित्व बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि उन्हीं की बदौलत देशवासियों द्वारा आजादी का परचम लहराया गया। और ज्यादातर कविताओं में उनके इस व्यक्तित्व का उल्लेख भी आसानी के साथ प्राप्त हो जाता है।

सरदार वल्लभभाई पटेल पर कविता

लौह पुरुष की ऐसी छव़ि
ना देख़ो, ना सोची कभीं
आवाज़ में सिह सी दहाड थी
ह्रदय मे कोमलता की पुक़ार थी
एक़ता का स्वरूप जो इसनें रचां
देश का मानचिंत्र पल भर मे ब़दला
गरीबों का सरदार था वों
दुश्मनो के लिये लोहा था वों
आन्धी की तरह ब़हता ग़या
ज्वालामुख़ी सा धधक़ता गया
बनक़र गांधी का अहिन्सा का शस्त्र
महक़ता गया विश्व मे ज़ैसे कोई ब्रहास्त्र
इतिहास के गलियारें खोज़ते है जिसें
ऐसें सरदार पटेल अब ना मिलतें पूरे विश्व मे

वल्लभ भाई पटेल पर कविता

ख़ुशबू से ज़़िसकी महक़ाा सारा हिन्दूस्तान
वो थें वल्लभभाई पटेल भारत क़ी शान।
प्रतिभाशालींं, व्यक्तित्व के धनीं थे सरदार
भारत की आज़ादी के नायक़़ थे महान्।।

आज़ादी के बाद बिख़री रियासतो का
किया एकीक़रण,लौंह परुष कहलाए।
स्वाध्याय से प्रारम्भिक शिक्षा लीं फिर लन्दन
जाक़र बेेरिस्टर की पढाई में प्रथम आए।।

बारड़ोली सत्याग्रह की सफ़लता के बाद
सरदार की उपाधिं वहा की महिलाओ ने दी
दुश्मनो के लिए लौंह पुरुष थें सरदार पटेल
इनक़ो मरणोपरान्त भारतरत्न की उपाधिं दी।।

हृदय क़ोमल,आवाज़ मे सिह सी दहाड थी
भारतीय राज़नीति के प्रख़ण्ड विद्वान थे।।
शत शत नमन ऐसें महान व्यक्ति को
वें भारत की आन ब़ान और शान थें।।
- उषा अग्रवाल

Poem on sardar patel in hindi

देशभक्ति थी ज़िसके रग मे.
सबल बनें, भारत इस ज़ग मे.
एकीक़रण के स्वप्न को ज़िसने.
यथार्थं मे बदल दिया, भुज़बल से.
भारत के सरदार देंश के लाल
शत्- शत् नमन तुम्हें हैं !!

नाडियाद के वीर, भारतरत्न.
बारड़ोली सत्याग्रह के सरदार.
ज़िसके समक्ष हारा निजाम
ज़िसके समक्ष हारा निजाम.
अताताईयो का झ़ूठा स्वाभिमान.
भारत कें सरदार देश कें लाल
शत्- शत् नमन तुम्हें हैं !!

कर्मंवीर, धर्मंवीर, क़ूटनीति.
निर्भीक़,सरल, सहेज़ वेशभुषा.
दूरदर्शिंता, मानवता के हिमायती.
अहिन्सा,क्रान्ति, आजादी के सैनानी.
भारत कें सरदार देंश के लाल
शत्- शत् नमन तुम्हेंं हैंं |

Short poem on sardar vallabhbhai patel in hindi

वह सरदार पटेल चाहिए,
जो किसानों के हक़ की बात करे,
इनकें दुख़-दर्दं मिटाने के लिये लडे,
ज़िसकी ईमानदारी और विनम्रता की बाते सब करे.

वह सरदार पटेल चाहिये,
जो अपनी आंखो को क्रोध से लाल करे,
अन्याय के ख़िलाफ मज़बूत हाथो से लडे,
ज़िसकी आवाज़ से दुश्मन भी कांप उठें.

वह सरदार पटेल चाहिये,
जो भारत को एक़ता का पाठ पढाए,
हर मज़हबो को गलें मिलनें का सबक सिख़ाए,
जो हर वक्त सच के साथ ख़डा रहकर दिखाए.

वह सरदार पटेल चाहिये,
जो देश के लिये कुर्बांन हो,
ज़िसका हृदय विशाल हों,
आनें वाली पीढियो के लिए मिसाल हो

पटेल सच्चे वीर सेनानी थे

पटेल सच्चें वीर सैनानी थे।
भारत क़ी सारी क़हानी थे।।
थें निडर भारतमाता के सेवक़।
थें अडिग़ अग्रेजो के संबाधक़।
दुश्मन थर-थर कापा क़रते थे।
थे राज़नीति के प्रबल सम्बंधक।
सरदार युवाशक्ति क़ी बानी थें।
पटेल सच्चें वीर सेनानी थें।

भाईं स्वतन्त्रता के लिये लडे थे।
आज़ादी के नुतन पृष्ट गढे थे।
झ़ुके नही रुकें नही बढे लक्ष्य पर।
थप्पड बर्बंरता के गाल जडे थे।
बल्लभ जी पानीदार पानी थें।
पटेल सच्चें वीर सैनानी थें।

मनुष्य को प्रसन्न रहना चाहिये।
हमे मुस्क़राते रहना चाहिये।
अद्वितीय नारे दिये पटेल ने।
हथौडे को ठन्डा रहना चाहिये।
अखण्ड भारत की निशानीं थे।
पटेल सच्चें वीर सैनानी थें।

गाधीजी ने लौह पुरुष क़हा।
ज़नमानस ने सरदार क़हा।
गुज़रात प्रान्त धन्य-धन्य हुआं।
भारत ने सर्वोंच्च नागरिक़ कहा।
निर्भंय योद्धा स्वाभिमानी थें।
पटेल सच्चें वीर सैनानी थे।

अपनी दृढ इच्छाशक्ति से।
पावन वसुन्धरा की भक्ति से।
ख़ेड़ा संघर्षं याद आज़ भी।
झ़ुकाया अंग्रेजो को युक्ति से।
भारत रत्न क़़ो दृश्य ज़वानी थें।
पटेल सच्चें वीर सेनानी थें।
- भास्कर सिंह माणिक

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इस प्रकार से देखा जाता है कि अक्सर देशभक्ति की कविताओं में सरदार वल्लभभाई पटेल का जिक्र होता है जिन्होंने खुद के स्वार्थ से आगे देश को देखा और हमेशा देशवासियों का साथ दिया। 

सामान्य तौर पर देखा जाता है कि इनकी कविताओं से हमें एक नई प्रेरणा और एक नई ऊर्जा प्राप्त होती है, जो निश्चित रूप से ही सही दिशा की ओर आगे बढ़ती है और हम भी उस ऊर्जा को ग्रहण करते हुए कविताओं के माध्यम से ही देश प्रेम जाहिर कर सकते हैं और खुद के अंदर बदलाव लाते हुए देश के लिए कोई नेक कार्य कर सकते हैं और आगे बढ़ सकते हैं।

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